बलरामपुर के तराई क्षेत्र में लगातार बारिश के बाद खरझार नाले का जलस्तर अचानक बढ़ गया। रविवार सुबह करीब 5:30 बजे आई बाढ़ का पानी आधा दर्जन से अधिक गांवों में घुस गया, जबकि करीब एक दर्जन गांव पानी से घिर गए। रामगढ़ मैटहवा गांव पूरी तरह जलमग्न हो गया।
घर और आसपास पानी भरने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ा। घरों में रखा अनाज और खाद्य सामग्री भीगकर खराब हो गई। पानी तेजी से बढ़ने पर कई परिवारों को छतों पर शरण लेनी पड़ी।
कई गांवों का संपर्क प्रभावित
ललिया-महराजगंज मुख्य मार्ग पर साहेबनगर डिप के पास करीब तीन फीट पानी बह रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित है। रामगढ़ मैटहवा के अलावा विजयीडीह, जगरामपुरवा, ओरहिया, लहेरी, सुगानगर और लोनियनपुरवा समेत आसपास के गांव भी प्रभावित हुए हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक करीब छह घंटे के भीतर नाले में दो बार बाढ़ आने से स्थिति बिगड़ गई। पानी भरने के कारण कई रास्तों से गांवों का संपर्क भी प्रभावित हुआ है।
70 मीटर तटबंध कटा, स्कूल भी पानी से घिरा
रामगढ़ मैटहवा गांव के पूरब करीब 70 मीटर तटबंध कट गया, जिससे पानी खेतों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी अधिकारियों को देकर तत्काल मरम्मत की मांग की है।
वहीं गांव का परिषदीय विद्यालय भी बाढ़ के पानी से घिर गया है। परिसर में पानी भरने से बच्चों के स्कूल पहुंचने में परेशानी हो रही है और पठन-पाठन प्रभावित होने की स्थिति है।
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प्रशासन ने शुरू किया सर्वे
उपजिलाधिकारी हेमंत गुप्ता ने बताया कि बाढ़ की स्थिति की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। क्षेत्रीय लेखपाल को मौके पर भेजकर प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कराया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार पानी जल्द निकलने की संभावना है।
