बलरामपुर जिले में परंपरा और श्रद्धा के साथ होलिका दहन का पर्व शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ. निर्धारित शुभ मुहूर्त रात 12:15 बजे प्रारंभ होते ही जिलें भर के होलिका स्थलों पर विधिवत पूजन कर होलिका प्रज्ज्वलित की गई.
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, नगर निकाय क्षेत्रों और जिले की 793 ग्राम पंचायतों सहित कुल 2100 स्थानों पर होलिका दहन कराया गया। नगर क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक रूप से इस पर्व में सहभागिता की।
नगर निकायों की बात करें तो उतरौला में 65, तुलसीपुर में 101 और बलरामपुर नगर निकाय क्षेत्र में 105 स्थानों पर होलिका जलाई गई। नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन की ओर से सभी स्थलों पर पहले से लकड़ी एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं कराई गई थीं, जिससे कार्यक्रम व्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से पूरा हुआ।
जानकारी के अनुसार, होलिका दहन का शुभ समय रात 12:15 बजे से शुरू हुआ। मुहूर्त लगते ही शहर के मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने उपले, लकड़ी और अबीर-गुलाल अर्पित कर विधि-विधान से होलिका पूजन किया।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। भक्त प्रह्लाद और होलिका की पौराणिक कथा के स्मरण के साथ लोगों ने नकारात्मकता के त्याग और सकारात्मक ऊर्जा के संकल्प के रूप में अग्नि में आहुति दी।
होलिका दहन के पश्चात लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली पर्व की शुरुआत की। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों पर ढोल-नगाड़ों की गूंज और फगुआ गीतों से पूरा वातावरण रंगों के उत्सव में सराबोर नजर आया।
