बलरामपुर जिलें में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए बलरामपुर जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान का हवाला देते हुए बताया कि 29 अक्टूबर को दोपहर बाद जिले में बादल छाए रहने की संभावना है, जबकि 30 अक्टूबर को चक्रवात का मुख्य असर देखने को मिल सकता है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश होने की आशंका है।
जिलाधिकारी ने बताया कि संभावित खतरे को देखते हुए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से एडवाइजरी जारी कर दी गई है। उन्होंने जिले के लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान यथासंभव घरों में रहें और बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलें। लोगों को बिजली के खंभों, तारों, पेड़ों और अन्य जोखिम वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर रखने को कहा गया है।
किसानों से फसल सुरक्षित रखने की अपील
चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए जिलाधिकारी ने किसानों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस समय फसलें पककर तैयार हैं। जिन किसानों की फसल कट चुकी है, वे अपनी उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें और अच्छी तरह ढक दें, ताकि बारिश और तेज हवाओं से नुकसान की आशंका कम की जा सके।
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सभी संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर
डीएम ने बताया कि आपदा से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है। आपदा नियंत्रण कक्ष लगातार संचालित है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। प्रशासन का प्रयास है कि चक्रवात के कारण होने वाली संभावित क्षति को न्यूनतम रखा जाए और बिजली सहित अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित होने पर उन्हें जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने कहा कि जिला प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने नागरिकों से प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करने तथा स्वयं, अपने परिवार, पशुधन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और किसी भी तरह का अनावश्यक जोखिम न लेने की अपील की है।

