बेल्जियम से लाई जा रही एक विशाल औद्योगिक मशीन को लेकर 308 पहियों वाला हाइड्रोलिक मल्टी-एक्सल ट्रेलर आज शनिवार 17 अक्टूबर को बलरामपुर पहुंचा। ट्रेलर पर लदी भारी मशीन और उसे खींचने के लिए जुड़ी 20 विशेष ट्रॉलियों को देखकर लोग हैरान रह गए। विशालकाय ट्रेलर को सुरक्षित रास्ता देने के लिए बिजली विभाग और अन्य संबंधित विभागों ने विशेष इंतजाम किए.
बलरामपुर में ट्रेलर उतरौला रोड से नहरबालागंज चौराहा, बाईपास रोड होते हुए फुलवरिया बाईपास पहुंचा। इसके बाद सेखुइया होते हुए हरिहरगंज की तरफ आगे बढ़ा। रास्ते में बिजली के तारों और सड़क किनारे मौजूद पेड़ों जैसी बाधाओं को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। ट्रेलर को निकालने के लिए बिजली विभाग ने विद्युत पोल हटवाए, जबकि वन विभाग ने सड़क किनारे के तीन पेड़ों की कटाई कराई। इस दौरान पुलिस ने यातायात व्यवस्था संभाली।
बेल्जियम से समुद्री मार्ग के जरिए पारादीप पहुंचा था ट्रेलर
विशाल हाइड्रोलिक मल्टी-एक्सल ट्रेलर बेल्जियम से रवाना हुआ था। समुद्री मार्ग से इसे ओडिशा के पारादीप बंदरगाह तक लाया गया। इसके बाद झारखंड और बिहार होते हुए सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश पहुंचाया गया।
ट्रेलर के साथ चल रहे आरके सिंह के अनुसार, इसके विशाल आकार और भारी वजन के कारण इसकी रफ्तार काफी कम रहती है। इसे एक दिन में महज 10 से 20 किलोमीटर तक ही आगे बढ़ाया जा सकता है। सुरक्षा और संचालन संबंधी कारणों से रात में इसे रोक दिया जाता है। ट्रेलर में 400 लीटर क्षमता का डीजल टैंक भी लगा है।
लखीमपुर की कुंभी चीनी मिल में स्थापित होगा विशाल रिएक्टर
यह मशीन बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड की लखीमपुर खीरी स्थित कुंभी इकाई में स्थापित हो रहे बायोपॉलिमर (बायोप्लास्टिक) प्लांट के लिए लाई जा रही है। करीब 200 टन वजनी इस औद्योगिक रिएक्टर (बेसल) की कीमत लगभग 280 करोड़ रुपये बताई गई है।
करीब 3,080 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहे इस प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 80 हजार टन होगी। यहां गन्ने से प्राप्त कच्चे माल का इस्तेमाल पॉलीलैक्टिक एसिड (पीएलए) बनाने में किया जाएगा। यह जैव-आधारित पदार्थ पारंपरिक प्लास्टिक के विकल्प के रूप में इस्तेमाल हो सकता है। इससे कप, प्लेट, बोतल, कटलरी, थैले और पैकेजिंग सामग्री जैसे उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं।
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मशीन को पहुंचाने में करीब 25 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
कुंभी प्लांट तक इस विशाल मशीन को पहुंचाने में करीब 25 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें से अब तक लगभग 11 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। मशीन को 15 मई को पारादीप बंदरगाह से विशेष ट्रेलर पर लादकर रवाना किया गया था। झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होते हुए यह बलरामपुर पहुंची है।
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योजना के अनुसार, मशीन को 25 अक्तूबर से पहले कुंभी स्थित चीनी मिल तक पहुंचाया जाना है। इस विशाल मशीन को सड़क मार्ग से सुरक्षित पहुंचाने के लिए रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा रहा है।
