मौसम विभाग ने 28 से 30 अक्टूबर 2026 तक चक्रवात के प्रभाव से तेज हवाएं चलने और मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए उप कृषि निदेशक गोंडा संतोष कुमार द्विवेदी ने किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
उन्होंने किसानों से कहा है कि जिनकी धान की फसल कट चुकी है, वे जल्द मड़ाई कराकर अनाज को सुरक्षित स्थान पर रख लें। वहीं, 80 प्रतिशत से अधिक पक चुकी धान की फसल की कटाई कर उसे सुरक्षित जगह पर पहुंचा दें।
यदि किसी कारण से धान की कटाई संभव नहीं है, तो खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करें, ताकि पानी जमा न हो। गन्ने की फसल को तेज हवा से गिरने से बचाने के लिए कई पौधों को एक साथ पत्तियों की मदद से बांधकर रखें। सब्जियों की फसलों में भी जल निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है।
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इसके अलावा, सरसों, राई और तोरिया की बुवाई करने वाले किसान अगले तीन दिनों तक बुवाई रोक दें। चक्रवात के गुजरने और खेतों से पानी निकलने के बाद ही बुवाई करें, ताकि बीज बहने से नुकसान न हो।
केला और फल लगे पपीते के पौधों में फिलहाल सिंचाई स्थगित रखने और उन्हें मजबूत सहारा देने की भी सलाह दी गई है।
