बलरामपुर में सोमवार को मौसम ने अचानक करवट बदली और देखते ही देखते तेज धूलभरी आंधी के बाद मूसलाधार बारिश ने पूरे जिले को प्रभावित कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा में कई जगह भारी नुकसान हुआ, जबकि पेड़ गिरने की घटनाओं में एक युवक और एक भैंस की जान चली गई।
गैंडास बुजुर्ग क्षेत्र के बढ़या पकड़ी गांव निवासी तुलाराम (32) बैटरी ऑटो से कहीं जा रहे थे, तभी आंधी के दौरान अर्जुन के पेड़ की भारी डाल उनके ऊपर गिर गई। हादसा इतना भीषण था कि मलबे में दबने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं रेहरा बाजार के बूधीपुर गांव में भी पेड़ गिरने से सूर्यलाल की भैंस दबकर मर गई।
तेज हवाओं का असर इतना व्यापक रहा कि जिले भर में सैकड़ों स्थानों पर पेड़, बिजली के खंभे और मोबाइल टावर गिर गए। इससे बिजली और संचार व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। मेडिकल कॉलेज परिसर सहित कई इलाकों में 50 से अधिक बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे जिले की सभी ग्राम पंचायतों में अंधेरा छा गया।
आंधी के चलते यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। गोंडा-बलरामपुर मार्ग और अन्य प्रमुख सड़कों पर 20 से अधिक स्थानों पर पेड़ गिरने से घंटों जाम लगा रहा। कई लोग अपने वाहनों में फंसे रहे, जबकि कुछ को पैदल ही सफर तय करना पड़ा। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से कई जगहों पर पेड़ हटाकर रास्ता बहाल किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार जिले में औसतन 50 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसमें भिखपुर क्षेत्र में सबसे अधिक 59.5 मिमी बारिश हुई। तेज हवाएं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं।
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हालांकि इस बारिश से भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों को राहत मिली है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद साबित होगी। वहीं प्रशासन ने आंधी-बारिश से हुए नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया भी जारी है।
