पूर्वांचल के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। गोरखपुर से नई दिल्ली तक सफर करने वालों को अब एक और बेहतर विकल्प मिलने जा रहा है। गोरखपुर से बलरामपुर गोंडा होते हुए दिल्ली तक अमृत भारत ट्रेन और नकहा से बलरामपुर गोंडा तक मेमू ट्रेन के संचालन को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही रेल प्रशासन ने इन ट्रेनों के संचालन की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा बलरामपुर जिले को मिलने वाला है, क्योंकि अमृत भारत ट्रेन का रूट बलरामपुर से होकर गुजरेगा। इससे यहां के यात्रियों को सीधे दिल्ली तक यात्रा करने के लिए एक नया और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। अब तक इस रूट पर ट्रेनों की संख्या सीमित थी, जिससे लोगों को काफी परेशानी होती थी।
गोरखपुर से दिल्ली के बीच चलने वाली अमृत भारत ट्रेन सप्ताह में एक दिन यानी हर मंगलवार को संचालित की जाएगी। यह ट्रेन गोरखपुर से रात 9:40 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर 12:50 बजे दिल्ली पहुंचेगी। वहीं, वापसी में दिल्ली से यह ट्रेन देर रात 12:40 बजे चलेगी और दोपहर 3:50 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।
इस ट्रेन का ठहराव गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, बुढ़वल, गोंडा, बलरामपुर, बढ़नी, सिद्धार्थनगर और आनंदनगर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर होगा। खास बात यह है कि बलरामपुर जैसे जिले के यात्रियों को अब सीधे राजधानी तक कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे समय और सुविधा दोनों की बचत होगी।
नकहा से यह ट्रेन शाम 6 बजे रवाना होकर रात 12:45 बजे गोंडा पहुंचेगी, जबकि वापसी में गोंडा से रात 3:20 बजे चलकर सुबह 9:55 बजे नकहा पहुंचेगी।
स्थानीय यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नकहा से गोंडा के बीच मेमू ट्रेन भी रोजाना चलाई जाएगी।
यह ट्रेन खासकर नौकरीपेशा लोगों, छात्रों और छोटे व्यापारियों के लिए राहत लेकर आएगी, जो रोजाना या नियमित रूप से इस रूट पर यात्रा करते हैं।
अमृत भारत ट्रेन के शुरू होने से बढ़नी रूट से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ जाएगी। अब तक इस रूट पर सीमित सेवाएं होने के कारण यात्रियों को अन्य रूट का सहारा लेना पड़ता था। नई ट्रेन से न केवल बलरामपुर, बल्कि सिद्धार्थनगर और महाराजगंज जैसे जिलों के लोगों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।
इसके साथ ही एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर भी विचार किया जा रहा है, जिसमें नौतनवा से दुर्ग जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन को सप्ताह में तीन दिन से बढ़ाकर रोजाना चलाने की योजना है। यदि यह मंजूरी मिलती है, तो छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों तक यात्रा और अधिक आसान हो जाएगी।
