बलरामपुर जिले के पचपेड़वा क्षेत्र में चर्चित किशोरी दुष्कर्म और अवैध गर्भपात मामले की जांच अब एसटीएफ ने अपने हाथ में ले ली है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सोमवार को एसटीएफ की टीम पचपेड़वा पहुंची और मामले से जुड़े दस्तावेजों व अधिकारियों के बयानों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान एसटीएफ ने स्थानीय थाने में पहुंचकर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से पूछताछ की। साथ ही पुराने अभिलेखों, विवेचना रिपोर्ट और मामले से संबंधित अन्य दस्तावेजों की भी गहन समीक्षा की गई।
यह मामला जूड़ीकुइंया स्थित एक कथित रूप से बिना पंजीकरण संचालित स्वास्थ्य केंद्र से जुड़ा है। आरोप है कि एक नाबालिग किशोरी को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया था। बाद में गर्भधारण होने पर अवैध तरीके से गर्भपात कराने का भी आरोप लगा था।
पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उस समय मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित क्लीनिक को सील कर संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई की थी।
एसटीएफ टीम के पहुंचने से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज रही। अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए तथा पूरे मामले की कड़ियों को दोबारा खंगाला गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पुराने मामले की जांच का हिस्सा है और एसटीएफ को हर स्तर पर सहयोग दिया जा रहा है।
अब सभी की नजर एसटीएफ की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे मामले के कई अहम पहलुओं पर नई जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
