हरैया सतघरवा क्षेत्र के लौकी कला गांव में धोबैनिया पहाड़ी नाले का कटान लगातार बढ़ता जा रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि प्राथमिक विद्यालय लौकी कला (नवीन) अब कटान स्थल से मात्र करीब 30 फीट की दूरी पर रह गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि बरसात के दौरान जलस्तर बढ़ने पर विद्यालय भवन भी नाले में समा सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार, वर्षों से जारी कटान के कारण गांव की लगभग 20 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि नष्ट हो चुकी है। इसके साथ ही कई परिवारों के मकान भी कटान की भेंट चढ़ चुके हैं। विस्थापित परिवारों ने सड़क किनारे नए घर बनाए, लेकिन अब वे भी खतरे के दायरे में पहुंच गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन हर वर्ष केवल अस्थायी उपाय कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर देता है, जबकि समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष नाले की धारा बदलने के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई थी, लेकिन कुछ समय बाद काम बंद कर दिया गया और परियोजना अधूरी छोड़ दी गई।
गांव के लोगों ने बताया कि कटान रोकने और विद्यालय की सुरक्षा के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके चलते नाला लगातार आबादी, खेतों और सार्वजनिक संपत्तियों की ओर बढ़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो विद्यालय भवन को भारी नुकसान पहुंच सकता है। इससे न केवल सरकारी संपत्ति प्रभावित होगी, बल्कि क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों की शिक्षा भी बाधित हो जाएगी।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई करते हुए विद्यालय, आबादी और कृषि भूमि को बचाने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है।
