धारा 34 के मामले में अधिवक्ताओं से वार्ता को तैयार बलरामपुर जिला प्रशासन, डीएम बोले— संवाद से निकलेगा समाधान

बलरामपुर में धारा 34 से संबंधित मामले को लेकर अधिवक्ताओं और जिला प्रशासन के बीच जारी विवाद के बीच जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन अधिवक्ताओं के साथ सार्थक बातचीत करने और मामले का नियमानुसार समाधान निकालने के लिए हमेशा तैयार है। किसी भी समस्या का हल आपसी संवाद और समन्वय से ही संभव है।





जिलाधिकारी के अनुसार, 21 अक्टूबर को अधिवक्ता धारा 34 से जुड़े प्रकरण को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। इसकी जानकारी मिलते ही वह अपने कक्ष से बाहर आए, ताकि अधिवक्ताओं की बात सुनकर मामले पर चर्चा की जा सके। हालांकि, अधिवक्ता बिना अपना पक्ष रखे और बातचीत किए वापस लौट गए। उन्होंने इसे खेदजनक बताते हुए कहा कि संवाद के बिना किसी भी प्रकरण के समाधान की दिशा में आगे बढ़ना मुश्किल होता है।


बातचीत से ही निकलेगा समाधान

डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन अधिवक्ताओं की समस्याओं को सुनने और उनका विधिसम्मत समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। संबंधित मामले में भी प्रशासन सकारात्मक वार्ता के जरिए आगे बढ़ना चाहता है। इसके लिए जरूरी है कि सभी पक्ष आपसी समन्वय और सहयोग के साथ चर्चा करें, जिससे तथ्यों को समझकर उचित निर्णय लिया जा सके।


उन्होंने कहा कि केवल विरोध-प्रदर्शन से समस्याओं का समाधान नहीं निकल सकता। संबंधित पक्षों को बातचीत का अवसर अपनाना चाहिए, ताकि विवाद को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाया जा सके।


17 अक्टूबर को तुलसीपुर में थे जिलाधिकारी


जिलाधिकारी ने 17 अक्टूबर की घटना के संबंध में बताया कि उस दिन वह तहसील तुलसीपुर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शामिल थे। इस दौरान वह आमजन की शिकायतें सुन रहे थे और उनके निस्तारण की प्रक्रिया में लगे थे। उन्होंने कहा कि संपूर्ण समाधान दिवस शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान करना है।


डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे पहले धारा 34 के संबंध में ज्ञापन देने के लिए अधिवक्ताओं के कलेक्ट्रेट आने की कोई पूर्व सूचना उन्हें नहीं मिली थी। उस समय वह समेकित दिव्यांग विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कलेक्ट्रेट से निकल चुके थे। कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चे दोपहर 12 बजे से उनकी प्रतीक्षा कर रहे थे, इसलिए वहां पहुंचना आवश्यक था।


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अधिवक्ताओं का पक्ष सुनने को तैयार प्रशासन


डॉ. विपिन कुमार जैन ने दोहराया कि धारा 34 के प्रकरण में अधिवक्ताओं से बातचीत करने में जिला प्रशासन की ओर से कोई बाधा नहीं है। अधिवक्ता जब भी वार्ता के लिए आएंगे, उनकी बात गंभीरता से सुनी जाएगी और संबंधित तथ्यों व कानूनी प्रावधानों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे विरोध के साथ-साथ संवाद और समन्वय को भी प्राथमिकता दें, ताकि मामले का उचित समाधान निकाला जा सके। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वह सकारात्मक बातचीत के माध्यम से विवाद सुलझाने के लिए तैयार है।

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