बलरामपुर जिले में अधिवक्ताओं के आंदोलन के चलते सदर, उतरौला और तुलसीपुर तहसीलों में जमीन की रजिस्ट्री का काम प्रभावित है। बैनामा नहीं होने से जमीन की खरीद-बिक्री रुकी हुई है और अब तक करीब 3 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है। उतरौला तहसील में एक महीने से अधिक समय से बैनामा नहीं हो रहा है, जबकि सदर और तुलसीपुर में भी रजिस्ट्री का काम बंद है।
अधिवक्ता 15 अक्टूबर से नामांतरण प्रक्रिया में बदलाव, जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन के कार्यव्यवहार और वीर विनय चौक स्थित अधिवक्ता संघ भवन को गिराने संबंधी नोटिस के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। सदर तहसील में पूर्ण कार्य बहिष्कार जारी है। उतरौला में क्रमिक अनशन चल रहा है और तुलसीपुर में भी अधिवक्ता कामकाज का बहिष्कार कर रहे हैं।
हड़ताल के कारण जमीन से जुड़े काम कराने पहुंच रहे लोगों को बार-बार लौटना पड़ रहा है। कई लोगों को अगली तारीख लेकर वापस जाना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं।
26 अक्टूबर को जिलाधिकारी से होगी वार्ता
आंदोलन को लेकर 26 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे जिलाधिकारी और तीनों बार संघों के पदाधिकारियों के बीच वार्ता प्रस्तावित है। वार्ता के बाद अधिवक्ता बैठक कर आंदोलन की आगे की रणनीति तय करेंगे। शनिवार की बैठक में सोमवार को भी पूर्ण कार्य बहिष्कार जारी रखने का निर्णय लिया गया।
आशीष सिंह की संघ में वापसी का फैसला
शनिवार को हुई बैठक में पांच साल के लिए निष्कासित आशीष सिंह को दोबारा संघ में शामिल करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने शुक्रवार को प्रार्थना पत्र देकर वापसी का अनुरोध किया था, जिस पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया गया।
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उतरौला में 32वें दिन भी अनशन जारी
उतरौला तहसील में शनिवार को 32वें दिन भी क्रमिक अनशन जारी रहा। इस दौरान 40 अधिवक्ता अनशन पर बैठे। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। तुलसीपुर में भी कार्य बहिष्कार जारी रहा।
अब सभी की नजर 26 अक्टूबर को होने वाली वार्ता पर है। सहमति बनने के बाद ही रजिस्ट्री सहित प्रभावित कामकाज सामान्य होने की उम्मीद है।
