बलरामपुर जिले के तुलसीपुर में स्थित शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर कॉरिडोर से धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत समृद्ध होगी। देवीपाटन मंदिर का विस्तार भी करने की तैयारी हो रही है। ताकि शक्तिपीठ देवीपाटन धाम को मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर और बाबा काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जा सके। इसके लिए मंदिर के चारों तरफ करीब 250 बीघे जमीन की खरीद हो रही है। 85 बीघे जमीन की खरीद हो चुकी है। जमीन की खरीद पूरी होने पर पुनः नए सिरे से कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
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शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी देवी मंदिर देवीपाटन को तीर्थ क्षेत्र एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए जमीन की खरीद पूरी होने के बाद पर्यटन विभाग योजना तैयार करेगा। जमीन खरीदने के लिए शासन से 26 करोड़ का बजट मिल चुका है। कॉरिडोर से मंदिर की महिमा का एहसास देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को हो सके, इसके लिए एक गैलरी भी विकसित होगी। मंदिर के प्रवेशद्वार को आकर्षक बनाया जाना है। साथ ही मेले के समय श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें, इसके लिए आवश्यक इंतजाम होंगे। पूर्व में 120 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार हुई थी, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पर्यटन विभाग को वृहद कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है।
जिला पर्यटन अधिकारी मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि 90 फीसदी जमीन की खरीद पूरी होने पर कार्ययोजना तैयार की जाएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ जी के निर्देश के बाद अब पूर्व की कार्ययोजना पर काम नहीं होगा।
श्रद्धालुओं की सुविधाओं के साथ होंगे विशेष इंतजाम
कॉरिडोर में मंदिर के प्रवेशद्वार से लेकर निकास तक श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित प्रबंध होंगे। सुरक्षा मानकों का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा। मंदिर के पश्चिम तरफ तालाब को बोटिंग के लिए विशेष इंतजामों के साथ ही रिवर फ्रंट की तरह विकसित करने की योजना है। पार्किंग की समुचित व्यवस्था होगी। मंदिर के नए व भव्य स्वरूप में नागर एवं द्रविड़ शैली के साथ-साथ नाथ संप्रदाय से जुड़े बिंदुओं को भी समाहित किया जाएगा।