बलरामपुर जिले के ललिया-हरिहरगंज मार्ग पर स्थित लौकहवा डिप हर साल बाढ़ में डूब जाता है, जिससे क्षेत्र के करीब डेढ़ लाख की आबादी का संपर्क टूट जाता है। फिलहाल रास्ता खुला है, लेकिन बरसात के दिनों में यह जगह जलमग्न होकर लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या बन जाती है। अब बलरामपुर जिला प्रशासन ने इस डिप को बाढ़ के समय भी सुरक्षित रखने के लिए पुलिया निर्माण की दिशा में पहल शुरू कर दी है।
बृहस्पतिवार को ब्लॉक जाते समय जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने लौकहवा डिप का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर बाढ़ के दौरान आने वाली समस्याओं की जानकारी ली। डीएम ने मौके की स्थिति देखने के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को पुलिया निर्माण का प्रस्ताव तत्काल तैयार कर भेजने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि लौकहवा डिप को बाढ़ के मौसम में भी उपयोगी बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इससे न केवल लोगों का आवागमन सुगम होगा बल्कि व्यापारिक और सामाजिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
लौकहवा डिप से जुड़े 20 से अधिक गांवों लौकहवा, मद्दोचौरा, गौरिया, पकरडीहा, बसावन बनकट, हेंगहा और खोरी के लोगों में अब राहत की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पुलिया बन गई तो बरसात में फिसलन, जलभराव और आवागमन ठप होने की दिक्कत खत्म हो जाएगी। स्थानीय निवासी रामप्रताप यादव ने कहा कि हर साल बाढ़ के कारण रास्ता डूब जाता है। अब पुलिया बनने से डेढ़ लाख की आबादी को स्थायी राहत मिलेगी।
ब्लॉक में सुधार के निर्देश, स्वच्छता पर जोर
निरीक्षण के दौरान डीएम ने हर्रैया सतघरवा ब्लॉक कार्यालय का भी औचक निरीक्षण किया। रजिस्टरों में गड़बड़ी और परिसर की गंदगी देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ब्लॉक कार्यालय जनता की पहली चौखट है, इसे अनुशासित और स्वच्छ रखना सभी की जिम्मेदारी है।डीएम ने खंड विकास अधिकारी पल्लवी सचान को निर्देश दिया कि निष्प्रयोज्य भवन की मरम्मत कराकर उसे उपयोग में लाया जाए तथा परिसर की साफ-सफाई नियमित रूप से कराई जाए।
