बलरामपुर जिले के उतरौला में मुख्यमंत्री कंपोजिट मॉडल विद्यालय की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। नामांतरण को लेकर उठ रहे सवाल पर विराम लग गया है। अब जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
दरअसल, स्कूल निर्माण के लिए चिह्नित जमीन को राजा उतरौला रिजवान अली ने अपनी जमीन होने का दावा किया था। इसके चलते करीब छह माह से निर्माण कार्य रुका हुआ था। अब विभागीय की रिपोर्ट के अनुसार 1971 में ही बेसिक शिक्षा विभाग के नाम जमीन हो चुकी थी। उस समय नगर में तय जमीन पर आदर्श पूर्व माध्यमिक विद्यालय के साथ ही बीटीसी प्रशिक्षण संस्थान संचालित था, जो बाद में गोंडा के दर्जीकुआं स्थानांतरित हो गया था। बीएसए शुभम शुक्ल ने बताया कि निर्माण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
मॉडल विद्यालय में प्री-प्राइमरी से कक्षा 12 तक की पढ़ाई एक ही परिसर में कराई जाएगी। प्रदेश सरकार ने परियोजना के लिए 24.50 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं, जबकि पहली किस्त के रूप में 12.25 करोड़ रुपये का बजट भी जारी हो चुका है। इस अत्याधुनिक विद्यालय के निर्माण से क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। पांच से दस एकड़ भूमि पर बनने वाले इस कैंपस का निर्माण जल निगम की सीएंडडीएस बस्ती यूनिट द्वारा किया जाएगा। जिला समन्वयक निर्माण एनके सिंह ने बताया कि उतरौला नगर में पांच एकड़ से अधिक भूमि उपलब्ध होने पर यहां प्रस्ताव भेजा गया है। विद्यालय में एक साथ 450 बच्चों के अध्ययन की व्यवस्था होगी और आगे क्षमता दो हजार से अधिक तक बढ़ाई जाएगी। बीएसए शुभम शुक्ल के मुताबिक जिलाधिकारी ने निरीक्षण के बाद प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।
कौशल विकास केंद्र के साथ ही स्मार्ट क्लास की होगी सुविधा
विद्यालय को पूरी तरह आधुनिक शिक्षा तकनीकों से जोड़ा जाएगा। 30 स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब और आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं छात्रों को तकनीकी और शोध आधारित शिक्षा दिलाएंगी। कौशल विकास केंद्र और वर्कशॉप से बच्चों को रोजगारपरक प्रशिक्षण मिलेगा। मिनी स्टेडियम में खेलकूद की पूरी सुविधा रहेगी। कैंपस में वाई-फाई, सीसीटीवी और शिक्षकों के लिए आवासीय सुविधा भी प्रस्तावित है।
