बलरामपुर पुलिस ने सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए बनाई क्रिटिकल कॉरिडोर टीम. इस टीम का काम 60 मिनट के भीतर घायलों को अस्पताल पहुंचाना है. यह टीम हर ब्लैक स्पॉट पर तैनात रहेगी. इससे घायलों को गोल्डन ऑवर में मदद मिलेगी.
रविवार को पुलिस लाइन में प्रशिक्षण के दौरान क्रिटिकल कॉरिडोर टीम को स्पीड रडार, बॉडी वार्न कैमरा व अन्य उपकरणों के उपयोग को लेकर प्रशिक्षित किया गया. सड़क हादसों को कम करने में क्रिटिकल कॉरिडोर टीम मदद करेगी.
सीओ उतरौला राघवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि कोतवाली नगर व देहात के साथ थाना गौरा चौराहा, तुलसीपुर, पचपेड़वा, उतरौला, श्रीदत्तगंज व गैड़ास बुजुर्ग में अधिक सड़क हादसों वाले स्थलों का चयन किया गया है. क्रिटिकल कॉरिडोर टीम इन स्थलों पर रहकर घायलों की मदद करेगी. इस दौरान टीम के सदस्यों को ब्रेथ एनालाइजर, स्पीड रडार गन, डेसीबल मीटर, बॉडी-वॉर्न कैमरों के उपयोग की जानकारी दी गई.
सड़क हादसों से संबंधित डेटा के संकलन और मौके की जांच पर जोर दिया गया. यातायात प्रभारी उमेश सिंह ने टीम के सदस्यों को तेज गति, नशे व ध्वनि प्रदूषण करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
