बलरामपुर जिले के तुलसीपुर नगर पंचायत के नवसृजित जुगलीपुर वार्ड स्थित प्राचीन हनुमानगढ़ी मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा हो गया है। सुंदरीकरण के बाद मंदिर का रंग-रूप निखर आया है। अब यह श्रद्धालुओं व पर्यटकों को लुभाने के लिए तैयार है।
डेढ़ करोड़ रुपये से मंदिर परिसर में बाउंड्रीवॉल, कमरे, श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बड़े हॉल का निर्माण कराया गया है। मंदिर प्रांगण में टाइल्स तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मंदिर का निर्माण करीब 30-35 साल पहले हुआ था। प्रारंभ में हनुमान जी की मूर्ति छोटी थी। बाद में यहां 12 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित कर मंदिर को भव्य स्वरूप दिया गया। तभी से मंदिर आसपास के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
मिला था सोने-चांदी से भरा कलश
वर्ष 1990 के आसपास यह क्षेत्र देवीपाटन ग्रामसभा के तहत जुगलीपुर के नाम से जाना जाता था। वर्तमान में यह तुलसीपुर नगर पंचायत का हिस्सा है। 30 वर्ष पूर्व यहां आसपास के पहलवान अपने लिए अखाड़ा बना रहे थे। अखाड़ा खोदने के दौरान जमीन के नीचे से सोने-चांदी से भरा एक मटका मिला। इसके बाद अखाड़े के स्थान पर बजरंगबली की मूर्ति स्थापित की गई।
पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना
नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि अफरोज अहमद ने बताया कि हनुमानगढ़ी मंदिर का सुंदरीकरण कराया गया है। अब आगे शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर के पीठाधीश्वर मिथलेश नाथ योगी के सहयोग से इस स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। इसी क्रम में मंदिर के पास स्थित तालाब का सुंदरीकरण कार्य किया जा रहा है, जो शीघ्र पूरा हो जाएगा।
