बलरामपुर में मानवता की मिसाल देखने को मिली, जब सरयू नहर किनारे लावारिस हालत में मिले एक नवजात शिशु को पुलिस और मिशन शक्ति टीम ने समय रहते सुरक्षित बचा लिया। शिशु को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराया गया और बाद में उसे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया।
मामला पचपेड़वा थाना क्षेत्र के ग्राम मोतीपुर हड़हवा के पास का है। मंगलवार को कुछ राहगीरों ने सरयू नहर के किनारे एक नवजात बच्चे के रोने की आवाज सुनी। जब उन्होंने पास जाकर देखा तो वहां एक नवजात बालक लावारिस हालत में पड़ा हुआ था।
घटना की सूचना तुरंत थाना पचपेड़वा पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश चौहान अपनी टीम और मिशन शक्ति टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस टीम ने देखा कि नवजात शिशु ठंडी हवा के बीच नहर किनारे पड़ा हुआ था और लगातार रो रहा था। टीम ने तुरंत उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और किसी भी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया।
पुलिस ने नवजात शिशु को तुरंत CHC पचपेड़वा पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसका चिकित्सकीय परीक्षण किया। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि शिशु की हालत सामान्य है और फिलहाल उसे विशेष निगरानी में रखने की आवश्यकता है।
आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने नवजात शिशु को Childline India की बलरामपुर इकाई को सौंप दिया। इसके बाद शिशु को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
फिलहाल नवजात को जिला अस्पताल बलरामपुर के एसएनसीयू (Special Newborn Care Unit) वार्ड में डॉक्टरों और चाइल्ड लाइन टीम की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है।
सरयू नहर किनारे लावारिस मिले नवजात को समय पर बचाकर अस्पताल पहुंचाने की पुलिस और मिशन शक्ति टीम की इस कार्रवाई की क्षेत्र में काफी सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर सूचना न मिलती और पुलिस तुरंत कार्रवाई न करती तो शिशु की जान को खतरा हो सकता था।

