बलरामपुर जिलें के तुलसीपुर में स्थित देवीपाटन मंदिर में चैत्र नवरात्र के दौरान लगने वाले प्रसिद्ध देवीपाटन मेलें की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मेले में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग ने विशेष व्यवस्था करने की योजना बनाई है। श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए तुलसीपुर में एक अस्थायी बस अड्डा बनाया जाएगा और लगभग 40 रोडवेज बसों का संचालन किया जाएगा.
चैत्र नवरात्र के अवसर पर 19 मार्च से एक महीने तक शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में राजकीय मेले का आयोजन होगा। इस दौरान उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ-साथ नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां पाटेश्वरी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
हर साल नवरात्र के समय देवीपाटन धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने और वापस जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए परिवहन विभाग पहले से ही तैयारी में जुट गया है।
मेले के दौरान बलरामपुर डिपो द्वारा तुलसीपुर से लगभग 40 रोडवेज बसों के संचालन की योजना बनाई गई है। इससे आसपास के जिलों और प्रमुख शहरों से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक गोपीनाथ दीक्षित ने जानकारी देते हुए बताया कि बसों के संचालन के लिए कई जिलों के परिवहन अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। इनमें बस्ती, सिद्धार्थनगर, लखनऊ, बहराइच, बलिया, गोंडा, रुपईडीहा, अयोध्या और बाराबंकी के एआरएम शामिल हैं, ताकि मेले के दौरान अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की जा सके।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए तुलसीपुर में बनने वाले अस्थायी बस अड्डे पर कर्मचारियों की तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाएगी। बस अड्डे पर 24 घंटे यात्रियों की सुविधा के लिए कर्मचारी मौजूद रहेंगे, जिससे यात्रियों को बसों के संचालन और समय की जानकारी आसानी से मिल सके।
परिवहन विभाग द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दो स्थानों पर पूछताछ केंद्र भी बनाए जाएंगे। वरिष्ठ केंद्र प्रभारी तरन्नुम के अनुसार एक पूछताछ केंद्र देवीपाटन मंदिर परिसर में और दूसरा अस्थायी बस अड्डे के पास लगाया जाएगा। यहां मौजूद कर्मचारी श्रद्धालुओं को बसों के आवागमन, समय और मार्ग से संबंधित जानकारी देंगे।
देवीपाटन धाम उत्तर भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। चैत्र और शारदीय नवरात्र के दौरान यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में परिवहन, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन और संबंधित विभाग पहले से ही व्यापक तैयारियां करते हैं।
