बलरामपुर जनपद में किसानों को उर्वरक वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सहकारिता विभाग ने नई डिजिटल पहल शुरू की है। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन के नेतृत्व में बी-पैक्स (सहकारी समितियों) के माध्यम से उर्वरक वितरण के लिए एक विशेष डिजिटल ऐप/सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है, जिसे आगामी खरीफ सीजन 2026-27 से लागू किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें नई डिजिटल प्रणाली के संचालन और तैयारियों की समीक्षा की गई।
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केवल सदस्य किसानों को मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था के तहत अब केवल बी-पैक्स समितियों के पंजीकृत सदस्य किसानों को ही उनकी खेती के रकबे के अनुसार रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए जनपद में सदस्यता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।
15 मई से शुरू होगा ऐप आधारित वितरण
जिलाधिकारी ने बताया कि 15 मई 2026 से उर्वरक वितरण पूरी तरह ऐप आधारित प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। किसानों को उर्वरक प्राप्त करने से तीन दिन पहले ही मैसेज और फोन कॉल के जरिए सूचना दी जाएगी, जिससे भीड़भाड़ से बचाव होगा और वितरण प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकेगी।
सचिवों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
नई व्यवस्था को सफल बनाने के लिए सभी सहकारी समितियों के सचिवों को ऐप संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, ताकि सचिव तकनीकी रूप से सक्षम बनकर किसानों को बेहतर सेवा दे सकें।
पारदर्शिता बढ़ेगी, कालाबाजारी पर लगेगा अंकुश
जिलाधिकारी ने कहा कि डिजिटल प्रणाली लागू होने से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी, कालाबाजारी पर रोक लगेगी और वास्तविक पात्र किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी कर ली जाएं, ताकि खरीफ सत्र में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
