बलरामपुर जिले की भांभर रेंज में हाल ही में हुए मानव-वन्यजीव संघर्ष के बाद वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। 10 अप्रैल को रेहरा गांव में हुई घटना के बाद विभाग ने तुरंत सर्च अभियान शुरू कर दिया। जंगल से लगे गांवों में 24 घंटे गश्त की जा रही है और ड्रोन व कैमरा ट्रैप के जरिए वन्यजीवों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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रविवार सुबह छह बजे से नौ बजे तक वन विभाग की टीम ने रेहरा, बेलभरिया, परसरामपुर और पिपरा सड़वा गांवों के आसपास करीब 4 से 6 किलोमीटर क्षेत्र में पैदल ट्रैकिंग की। डीएफओ गौरव ग्रोवर के अनुसार अभी तक किसी तेंदुए या बाघ के पगमार्ग की पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।संवेदनशील गांवों जैसे रेहरा, परसरामपुर, भुकुरवा और गिद्धहवा में ड्रोन से लगातार निगरानी की जा रही है। इसके अलावा कई स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, जिससे वन्यजीवों की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जा सके। वन विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर लोगों से जानकारी भी जुटा रही हैं।
ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए लाउडस्पीकर, ई-रिक्शा और पोस्टर के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को शाम के समय पटाखे फोड़ने की सलाह दी गई है, ताकि जंगली जानवर आबादी से दूर रहें। साथ ही, महुआ बीनने, लकड़ी लाने या पशु चराने के लिए जंगल में जाने से सख्ती से मना किया गया है।
वन विभाग ने आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत संपर्क किया जा सके।
हेल्पलाइन नंबर 👇
क्षेत्रीय वनाधिकारी, भांभर – 7570048066
क्षेत्रीय वनाधिकारी, रामपुर – 8887852844
क्षेत्रीय वनाधिकारी, तुलसीपुर – 9517170830
क्षेत्रीय वनाधिकारी, बरहवा – 8400293292
क्षेत्रीय वनाधिकारी, बनकटवा – 9919248813
क्षेत्रीय वनाधिकारी, पूर्वी सोहेलवा – 8299660750
