उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। अब स्मार्ट प्रीपेड मीटर स्वतः पोस्टपेड मोड में बदल दिए जाएंगे, जिससे उपभोक्ताओं को हर महीने नियमित रूप से बिजली बिल प्राप्त होगा। यह बदलाव आरडीएसएस योजना के तहत आरएमएस बैकएंड सिस्टम के माध्यम से किया जा रहा है।
अधीक्षण अभियंता विद्युत अजय कुमार ने बताया कि मई 2026 में हुई बिजली खपत का बिल जून 2026 में जारी किया जाएगा। हर महीने की 10 तारीख तक बिल जनरेट करने की व्यवस्था बनाई गई है। उपभोक्ताओं को बिल की जानकारी एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए भेजी जाएगी। यदि किसी कारण स्मार्ट मीटर से ऑटोमैटिक रीडिंग नहीं मिलती है तो विभाग मैनुअल रीडिंग के आधार पर भी समय से बिल जारी करेगा।
नई व्यवस्था के तहत पहले समायोजित की गई सिक्योरिटी धनराशि अब दोबारा ली जाएगी। हालांकि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए यह रकम जून 2026 से शुरू होने वाले बिलों में चार समान मासिक किस्तों में जोड़ी जाएगी।
बिजली विभाग ने बकाया बिल जमा करने के लिए भी आसान विकल्प दिया है। घरेलू उपभोक्ता 30 अप्रैल 2026 तक के बकाये का भुगतान ब्याज सहित 10 आसान किस्तों में कर सकेंगे। वहीं अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को 40%, 30% और 30% की तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलेगी।
स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण के लिए 15 मई से 30 जून 2026 तक अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष हेल्प डेस्क और शिकायत निवारण कैंप लगाए जाएंगे।
विभाग ने कहा है कि यदि किसी उपभोक्ता को समय पर बिल नहीं मिलता है तो वह विभागीय व्हाट्सएप चैटबॉट या टोल फ्री नंबर 1912 के माध्यम से अपना बिल प्राप्त कर सकता है।
