बलरामपुर के आवासीय विद्यालयों में शुरू हुई डिजिटल पढ़ाई, अब छात्राओं को मिलेगी राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा

बलरामपुर जिलें में बालिका शिक्षा को नई दिशा देने के उद्देश्य से प्रशासन ने डिजिटल शिक्षा की शुरुआत की है। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की पहल पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों तथा आश्रम पद्धति विद्यालय, विशुनपुर विश्राम में डिजिटल कक्षाएं शुरू कराई गई हैं।





इन कक्षाओं का संचालन देश के प्रमुख डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म Physics Wallah (PW) के माध्यम से किया जा रहा है। इसके तहत छात्राओं को विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार वीडियो लेक्चर, डिजिटल स्टडी मटेरियल, प्रैक्टिस मॉड्यूल और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।


डिजिटल कक्षाएं शुरू होने के बाद छात्राओं में सीखने को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से पढ़ाई कर रही छात्राएं अब बेहतर शैक्षणिक संसाधनों का लाभ उठाते हुए अपने भविष्य की तैयारी कर रही हैं।


जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने कहा कि ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों की छात्राओं को भी महानगरों के विद्यार्थियों के समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। डिजिटल शिक्षा के जरिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक संसाधनों से जोड़ा जा रहा है, जिससे उनका ज्ञान, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धी क्षमता मजबूत होगी।


विद्यालयों में डिजिटल कक्षाओं के सफल संचालन के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। शिक्षकों की निगरानी में छात्राएं नियमित रूप से ऑनलाइन अध्ययन कर रही हैं, जिससे उनकी विषयों पर पकड़ और सीखने की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है।


प्रशासन का मानना है कि यह पहल न केवल डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देगी, बल्कि बालिका सशक्तिकरण और शिक्षा में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।

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