बलरामपुर में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर भाई-बहन से 8.81 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को जिलाधिकारी कार्यालय का कर्मचारी बताकर परिवार का विश्वास जीता और फर्जी नियुक्ति पत्र के जरिए लाखों रुपये ऐंठ लिए। मामले का खुलासा होने पर नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, रेहराबाजार थाना क्षेत्र के बनकटवा सराय खास निवासी मनोज कुमार चौहान शहर में एक परिवार के यहां किराए पर रहता था। उसने पहले खुद को तहसील तुलसीपुर में कनिष्ठ सहायक और बाद में जिलाधिकारी कार्यालय में लेखाकार बताकर परिवार से करीबी बना ली।
आरोप है कि मनोज ने पीड़िता के भाई को राजस्व विभाग में अमीन और बहन को जिलाधिकारी कार्यालय में बाबू (लिपिक) की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। नौकरी पक्की कराने के नाम पर उसने अलग-अलग किस्तों में कुल 8.81 लाख रुपये ले लिए।
कई महीनों तक टालमटोल करने के बाद आरोपी ने अमीन पद का कथित नियुक्ति पत्र भी सौंप दिया। जब पीड़िता नियुक्ति पत्र लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची, तब पता चला कि वह पूरी तरह फर्जी है और ऐसा कोई नियुक्ति आदेश जारी ही नहीं हुआ था।
पीड़िता का आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर आरोपी फरार हो गया और फोन पर धमकी भी दी। शिकायत के आधार पर नगर कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और धमकी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक लेनदेन, फर्जी दस्तावेजों और आरोपी की गतिविधियों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसने अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की ठगी तो नहीं की।
