बलरामपुर जिलें में खरीफ सीजन के बीच जिले के किसानों को यूरिया की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। सहकारी समितियों पर नेटवर्क की समस्या के चलते खाद का वितरण प्रभावित है, जिससे किसान घंटों लाइन में लगने के बावजूद खाली हाथ लौट रहे हैं। मजबूरी में उन्हें निजी दुकानों से अधिक कीमत पर यूरिया खरीदनी पड़ रही है।
किसानों का आरोप है कि कई निजी उर्वरक विक्रेता निर्धारित मूल्य पर यूरिया देने के बजाय जिंक व अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग कर रहे हैं। एक बोरी यूरिया के लिए 400 से 450 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जिससे किसानों की लागत बढ़ गई है।
जिले में लगभग 1.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई पूरी हो चुकी है। बारिश कम होने के बाद किसान सिंचाई कर फसल की देखभाल में जुटे हैं, लेकिन समय पर यूरिया नहीं मिलने से फसल प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
किसानों की लगातार शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार के नेतृत्व में चल रहे निरीक्षण अभियान में कई अनियमितताएं सामने आई हैं।
रविवार को गैड़ास बुजुर्ग के जनकपुर बैरियर स्थित मैसर्स यादव ट्रेडर्स की जांच के दौरान दुकान बंद मिली और आवश्यक अभिलेख व पीओएस मशीन उपलब्ध नहीं कराई गई। जांच में अनियमितता मिलने पर दुकान का उर्वरक विक्रय लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। वहीं जुआथान स्थित एक अन्य उर्वरक विक्रेता का लाइसेंस भी रद्द किया गया, जबकि एक अन्य दुकानदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने और जबरन टैगिंग करने वाले उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
