केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी सख्त नीति को आगे बढ़ाते हुए बड़ा कदम उठाया है। गृह मंत्रालय (MHA) ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) के तहत पाकिस्तान में सक्रिय 23 आतंकियों को आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित कर दिया है। इन नामों के शामिल होने के बाद UAPA के तहत नामित आतंकवादियों की कुल संख्या बढ़कर 80 हो गई है।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, सूची में शामिल अधिकांश आतंकी जैश-ए-मोहम्मद (JeM), लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और अन्य प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े हुए हैं। सरकार का कहना है कि ये लोग भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने, आतंकियों को सहयोग देने और आतंकवाद के नेटवर्क को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
नई सूची में लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद के करीबी सहयोगी अब्दुल रऊफ का नाम भी शामिल है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, अब्दुल रऊफ लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा से जुड़ा रहा है तथा भारत में आतंकी हमलों की योजना बनाने, आतंकियों के बीच समन्वय स्थापित करने और टेरर फंडिंग जैसी गतिविधियों में उसकी अहम भूमिका रही है। उसे UAPA की चौथी अनुसूची में क्रम संख्या 69 पर आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
सरकार ने यह कार्रवाई UAPA की धारा 35 के तहत की है। इस प्रावधान के अनुसार, यदि केंद्र सरकार को किसी व्यक्ति के आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का विश्वास होता है, तो उसका नाम कानून की चौथी अनुसूची में जोड़कर उसे आतंकवादी घोषित किया जा सकता है।
सरकार का कहना है कि यह फैसला आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति का हिस्सा है। इससे भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले आतंकियों और उनके वित्तीय नेटवर्क पर कार्रवाई को मजबूती मिलेगी, साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान पर आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कदम उठाने का दबाव भी बढ़ेगा।
