बलरामपुर जिलें में नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर एक बार फिर भारत-नेपाल सीमा से सटे गांवों में दिखाई दिया। रविवार को हेंगहा पहाड़ी नाले में आए तेज उफान से इटहिया बनघुसरी गांव चौथी बार जलभराव की चपेट में आ गया। कुछ ही घंटों में नाले का पानी गांव और प्राथमिक विद्यालय परिसर तक पहुंच गया, जिससे लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो गई।
तेज बहाव के कारण गांव का मुख्य संपर्क मार्ग कई जगह कट गया और सड़क पर तीन से चार फीट गहरे गड्ढे बन गए। इससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। अकबरपुर कला से इटहिया बनघुसरी को जोड़ने वाली पीडब्ल्यूडी सड़क का भी बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश जारी रही तो कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से टूट सकता है।
ग्रामीणों के मुताबिक, नेपाल में बारिश होते ही हर साल यही हालात बन जाते हैं। इस बार हेंगहा नाले का बहाव पिछले वर्षों की तुलना में अधिक तेज है, जिससे सड़कें, खेत और अन्य सार्वजनिक स्थान प्रभावित हुए हैं। लोगों ने प्रशासन से तत्काल राहत कार्य शुरू करने, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने और हेंगहा नाले की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।
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ग्रामीणों का कहना है कि जब तक नाले की जल निकासी और बाढ़ नियंत्रण की स्थायी व्यवस्था नहीं होगी, तब तक सीमावर्ती गांवों को हर मानसून में इसी तरह जलभराव और सड़क कटान की समस्या झेलनी पड़ेगी। प्रशासन से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग की जा रही है।
इटहिया गांव के पास जलनिकासी वाले स्थान पर कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था। डीएम के निर्देश पर जेसीबी लगाकर जलनिकासी वाले स्थान पर खोदाई कराकर रास्ता बना दिया गया है। पानी आते ही गांव से बाहर निकल जाता है। बाढ़ जैसी कोई समस्या नहीं है।
-भरत राम, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड
