नेपाल के तराई क्षेत्र और जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी में बढ़ते पानी ने तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार रात जलस्तर बढ़ने के बाद कई गांवों के ग्रामीण पूरी रात हालात पर नजर बनाए रहे।
राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर का असर चौका कला, मधवापुर, लालपुर फगुइया, गोसाई पुरवा, मठहा, गुहिचपुरवा और गंगाबख्श भागड़ समेत कई गांवों में देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी बढ़ते ही निचले इलाके और खेत जलमग्न होने लगते हैं, जिससे बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव चारों ओर से राप्ती नदी से घिरा हुआ है और हर वर्ष बाढ़ का सबसे अधिक असर इसी क्षेत्र पर पड़ता है। संभावित खतरे को देखते हुए कुछ परिवार पहले ही सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं, जबकि कई परिवार अब भी बाढ़ की आशंका के बीच गांव में रहने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए तटबंध से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन यदि नेपाल से अधिक पानी छोड़ा गया या बारिश लगातार जारी रही तो हालात फिर गंभीर हो सकते हैं।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी नालों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है। महराजगंज तराई क्षेत्र और नालों के किनारे बसे गांवों में भी जलभराव की आशंका बढ़ गई है। वहीं, लौकहवा समेत कई निचले मार्गों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही
उधर, प्रशासन ने संभावित बाढ़ को देखते हुए तैयारियां तेज कर दी हैं। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है, जबकि राहत शिविरों और मेडिकल टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि तटवर्ती गांवों की लगातार निगरानी की जा रही है और स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है।
