बलरामपुर में खाद की कालाबाजारी पर डीएम का सख्त एक्शन, ओवररेटिंग और जबरन टैगिंग करने वालों पर होगी एफआईआर

बलरामपुर जिलें में उर्वरकों की कालाबाजारी, ओवररेटिंग और किसानों के साथ जबरन टैगिंग की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने साफ कहा कि खाद वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत कठोर कार्रवाई होगी।







बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि कोई व्यक्ति या एजेंट दूसरे जिले से यूरिया अथवा अन्य उर्वरक लाकर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बेचता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।


दूसरे स्थान से संचालित गोदामों पर भी प्रशासन की नजर


डीएम ने उन थोक उर्वरक विक्रेताओं पर भी सख्ती दिखाई, जिन्होंने जिले में लाइसेंस तो लिया है, लेकिन अपने गोदाम अन्य स्थानों से संचालित कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे मामलों की जांच कर संबंधित विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त करने के निर्देश दिए।


किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर मिलेगा उर्वरक


बैठक में जिला प्रशासन, उर्वरक कंपनियों और थोक विक्रेताओं के बीच किसानों को पर्याप्त मात्रा में, समय पर और निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। जिलाधिकारी ने कहा कि खाद की कृत्रिम कमी पैदा करना या आपूर्ति में अनावश्यक देरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


जबरन टैगिंग और ओवररेटिंग पर होगी कानूनी कार्रवाई


जिलाधिकारी ने फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को भी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई दुकानदार किसानों को यूरिया के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर करता है या निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


निरीक्षण अभियान होंगे और तेज


डीएम ने संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण, लगातार निगरानी और प्रवर्तन अभियान तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी या अवैध बिक्री की कोई भी शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


बैठक के अंत में डॉ. विपिन कुमार जैन ने कहा कि किसानों को निर्धारित मूल्य पर समय से उर्वरक उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस व्यवस्था में बाधा डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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