बलरामपुर जिलें के तुलसीपुर में हुए बहुचर्चित फिरोज अहमद उर्फ पप्पू हत्याकांड में शुक्रवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया. अदालत ने पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा रिजवान और दामाद रमीज को सभी आरोपों से बरी कर दिया, जबकि मेराजउल हक उर्फ मामा और महफूज को हत्या का दोषी ठहराया। दोषियों की सजा पर अदालत मंगलवार को फैसला सुनाएगी।
फैसले को देखते हुए कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पूरे परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
जनवरी 2022 में हुई थी हत्या
यह मामला 4 जनवरी 2022 की रात का है। तुलसीपुर नगर के जरवा रोड स्थित अपने घर के पास पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष एवं सपा नेता फिरोज पप्पू पर उस समय हमला हुआ, जब वे एक पान की दुकान पर रुके थे। हमलावरों ने उन पर लोहे की रॉड और धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला किया और गला रेतकर फरार हो गए। गंभीर हालत में उन्हें सीएचसी तुलसीपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया था।
राजनीतिक रंजिश बनी हत्या की वजह
हत्या की गुत्थी सुलझाने के बाद पुलिस ने 10 जनवरी 2022 को पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनकी बेटी जेबा, दामाद रमीज, मेराजउल हक उर्फ मामा, महफूज और शकील को गिरफ्तार किया था। जांच में पुलिस ने दावा किया कि हत्या के पीछे राजनीतिक वर्चस्व और तुलसीपुर विधानसभा सीट के टिकट को लेकर चल रही प्रतिद्वंद्विता मुख्य कारण थी।
पुलिस के अनुसार, फिरोज पप्पू की बढ़ती लोकप्रियता उन्हें सपा से संभावित उम्मीदवार बना रही थी, जबकि रिजवान जहीर अपनी बेटी जेबा को टिकट दिलाना चाहते थे। इसी विवाद ने दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ा दिया।
पहले भी हुई थीं हत्या की कोशिशें
जांच में यह भी सामने आया कि वारदात की साजिश करीब एक महीने पहले रची गई थी और फिरोज पप्पू पर इससे पहले तीन बार हमला करने की कोशिश की जा चुकी थी। पुलिस का आरोप था कि मेराजउल हक और महफूज ने हत्या को अंजाम दिया, जबकि साजिश में अन्य आरोपियों की भूमिका बताई गई थी।
एक आरोपी की हो चुकी है मौत
मामले के एक आरोपी शकील की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। अब अदालत ने मेराजउल हक और महफूज को दोषी ठहराते हुए उनकी सजा पर फैसला सुरक्षित रखा है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होगी।
फैसले के बाद क्या बोले रिजवान और जेबा?
कोर्ट से बाहर निकलने के बाद रिजवान जहीर ने कहा कि उन पर झूठा कलंक लगाया गया था और अदालत के फैसले से उन्हें न्याय मिला है। वहीं जेबा रिजवान ने कहा कि वे पिछले चार वर्षों से अपनी बेगुनाही की बात कह रहे थे और आज अदालत के फैसले ने सच को सामने ला दिया।
