बलरामपुर जिलें में फर्जी अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाणपत्र जारी किए जाने के विरोध में मंगलवार को थारू समाज के लोगों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से करीब 70 किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
थारू समाज ने मांग की कि अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्रों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और फर्जी प्रमाणपत्र जारी कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्रदर्शन के दौरान प्रमुख सचिव समाज कल्याण अनुराग यादव का पुतला भी फूंका गया।
थारू कल्याण समिति के संरक्षक धनीराम चौधरी ने आरोप लगाया कि कुछ लोग कथित तौर पर फर्जी ST प्रमाणपत्र बनवाकर जनजातीय समाज के लिए निर्धारित अधिकारों और सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने प्रमाणपत्र जारी करने में स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित भूमिका की भी जांच कराने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने प्रमुख सचिव समाज कल्याण को पद से हटाने की मांग के साथ पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। वहीं, मूल आदिवासी जन कल्याण संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय बहादुर चौधरी ने रामकोला विधायक विनय प्रकाश गोंड पर भी कथित फर्जी ST प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव जीतने का आरोप लगाया।
यह भी पढ़ें : बलरामपुर में गेहूं खरीद में 59.59 लाख का गबन, रिकॉर्ड में 228 टन गेहूं लेकिन गोदाम खाली
पुतला फूंकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक हुई। प्रदर्शनकारियों को रोकने के प्रयास में हल्की झड़प भी हुई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में थारू समाज के लोग मौजूद रहे।

