बलरामपुर के रेहरा बाजार विकासखंड की ग्राम पंचायत जिगनी में सरकारी राशन वितरण में अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में कोटेदार प्रदीप कुमार पर कार्डधारकों का अंगूठा लगवाने के बावजूद राशन नहीं देने और निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न वितरित करने के आरोप मिले हैं।
पूर्ति विभाग की जांच में 68.42 क्विंटल गेहूं और 130 क्विंटल चावल समेत कुल 198.42 क्विंटल खाद्यान्न का हिसाब नहीं मिला। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अनुमति के बाद 23 अक्टूबर को कोटेदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इससे पहले 13 अक्टूबर को उसका अनुबंध निलंबित किया जा चुका था।
पूर्ति निरीक्षक मनमथ नाथ गुप्ता के अनुसार, जिगनी निवासी रहमुल्ला ने आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी कि दो महीने का राशन अंगूठा लगवाने के बाद भी नहीं दिया गया। ग्राम प्रधान शेर अली ने भी कुछ कार्डधारकों को राशन नहीं देने और एक से दो किलोग्राम तक कटौती करने की शिकायत की थी।
जांच के दौरान 87 कार्डधारकों और उनके परिजनों के बयान दर्ज किए गए। इसमें अगस्त 2026 में ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बावजूद राशन नहीं देने और कुछ लाभार्थियों को कम खाद्यान्न देने की बात सामने आई।
जांच में अंत्योदय कार्डधारकों को निर्धारित तीन किलोग्राम के बजाय दो किलोग्राम चीनी देने और इसके लिए 50 रुपये लेने की अनियमितता भी मिली। इसके अलावा दुकान पर स्टॉक बोर्ड, रेट बोर्ड और अन्य जरूरी सूचनाएं प्रदर्शित नहीं थीं।
अनुबंध निलंबित होने के बाद जिगनी की राशन दुकान को ग्राम पंचायत मनुवाग के कोटेदार बलवीर की दुकान से संबद्ध कर दिया गया, ताकि कार्डधारकों को राशन मिल सके। बलवीर को 22.50 क्विंटल गेहूं और छह क्विंटल चावल सौंपा गया। शेष खाद्यान्न के बारे में पूछे जाने पर प्रदीप कुमार ने लिखित बयान में कहा कि उसके पास अतिरिक्त खाद्यान्न नहीं है।
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पूर्ति निरीक्षक और क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने खाद्यान्न के रिकॉर्ड का मिलान किया, जिसमें 198.42 क्विंटल की कमी सामने आई। मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना कराई जा रही है। क्षेत्राधिकारी उतरौला डॉ. जितेंद्र कुमार ने बताया कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
