बलरामपुर के मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में लगा लाइटनिंग सेंसर, 400 किमी तक मिलेगी आकाशीय बिजली की चेतावनी

बलरामपुर जिलें में स्थित मां पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय में आकाशीय बिजली की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लाइटनिंग सेंसर लगाया गया है। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), पुणे की टीम ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन पर इस सेंसर को स्थापित किया है। इसकी मदद से 400 किलोमीटर के दायरे में आकाशीय बिजली की गतिविधियों की निगरानी की जा सकेगी और संभावित खतरे को लेकर समय रहते चेतावनी जारी करने में मदद मिलेगी।





400 किलोमीटर के दायरे में होगी निगरानी


इस सेंसर के माध्यम से आकाशीय बिजली से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा सकेगी। इससे संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करने और वहां सतर्कता बढ़ाने में मदद मिलेगी। सेंसर से प्राप्त आंकड़े आकाशीय बिजली से जुड़े खतरों को समझने और समय रहते आवश्यक सावधानी बरतने के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे।


सचेत और दामिनी ऐप पर मिलेगा अलर्ट


आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि सेंसर से आकाशीय बिजली की गतिविधियों की निगरानी के साथ-साथ इससे संबंधित आंकड़े जुटाने में भी मदद मिलेगी। इन आंकड़ों के आधार पर संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई जा सकेगी।



उन्होंने बताया कि आकाशीय बिजली से संबंधित चेतावनी प्राप्त करने के लिए लोग अपने मोबाइल फोन में भारत मौसम विज्ञान विभाग के सचेत और दामिनी ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। इन ऐप के माध्यम से मौसम संबंधी अलर्ट प्राप्त कर लोग समय रहते सावधानी बरत सकते हैं।


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विश्वविद्यालय में लाइटनिंग सेंसर की स्थापना से क्षेत्र में आकाशीय बिजली की गतिविधियों पर नजर रखने और लोगों तक समय रहते चेतावनी पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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