लड़का पैदा होने की खबर मिलने पर परिवार के लोग खुशी से झूम उठे. अस्पताल के स्टाफ को बख्शीश में एक हजार रुपये दिए, खुश होकर मिठाई भी बांटे. लेकिन जब ऑपरेशन रूम से बच्चे को कपड़े में लपेट कर परिजनों को सुपुर्द किया गया, तब सच्चाई सामने आई जिसे देख सब हैरान हो गए
बस्ती मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय से एक मामला सामने आया है. लालगंज थाना के देवेंद्र कुमार अपनी पति की डिलीवरी के लिए हॉस्पिटल गए थे. सभी जांच के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी और देवेंद्र की पत्नी को ऑपरेशन रूम में ले जाया गया.
ऑपरेशन सकुशल हो गया और अस्पताल स्टाफ ने देवेंद्र को लड़का पैदा होने की खबर दी खुशी से परिजन झूम उठे. हॉस्पिटल स्टाफ को बख्शीस में एक हजार रुपए दिए और पूरे अस्पताल में मिठाई भी बांटी साथ ही साथ अपने सभी रिश्तेदारों को फोन कर लड़का पैदा होने की सूचना भी दी गई और सभी लोग बहुत खुश भी थेले
किन जब ऑपरेशन रूम से कपड़े में लपेट कर बच्चे को परिजनों को दिया गया तब सच्चाई सामने आई जो परिजनों को हैरान कर दी जब बच्चे का कपड़ा हटा कर देखा तो लड़के की जगह लड़की थी. फिर परिजनों ने अस्मेंपताल में जम कर हंगामा किया और अस्पताल के स्टाफ पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया. लड़के को बदल कर उस की जगह लड़की दे दी गई. जो पेपर बना था वो लड़के का बना था.
परिजनों ने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस मौके पर पहुंच कर जांच में जुट गई है. दूसरी तरफ परिजन लड़की के DNA जांच की मांग कर रहे और लडकी को अपने साथ ले जाने से इंकार कर दिया है. परिजनों का कहना है कि जब तक बच्ची की डीएनए जांच नहीं हो जाती, तब तक वे उसे घर नहीं ले जाएंगे
वही पूरे मामले को लेकर कैली के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एएन नारायण प्रसाद ने बताया कि शिकायतकर्ता ने कहा की उनको पहले लड़का पैदा होने की सूचना दी गई, लेकिन बाद में लड़की रिसीव कराई गई. मैंने अपने स्तर पर जांच कर देखा है. इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है.

