Panchvaktra Temple Mandi: हिमाचल प्रदेश में पिछले 3 दिनों से मूसलाधार बारिश की वजह से तबाही का मंजर है इस बीच एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है की मंडी का पंचवक्त्र मंदिर ब्यास नदी की लहरों से घिरा है लेकिन महादेव के इस मंदिर को नदी की धारा से नुकसान नहीं पहुंची
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्थित ऐतिहासिक पंचवक्त्र महादेव मंदिर जिसका शिखर ब्यास नदी के पानी की लहरों में डूबा हुआ दिखा यह मंदिर ब्यास नदी और सुकेती खड्ड के किनारे बना है
इस मंदिर की वायरल वीडियो और तस्वीरों को देखने के बाद हर किसी के जहन में 2013 में केदारनाथ में हुए जलप्रलय आया दस साल पहले जब मंदाकिनी ने रौद्र रूप धारण किया था, तब केदारनाथ मंदिर और नदी की धारा के बीच एक शिला आ गई थी और मंदिर सुरक्षित बचा हुआ था अब 10 साल बाद हिमाचल में आए इस जलप्रलय के बीच एक बार फिर चमत्कार हुआ है। जहां बड़े बड़े पुल, पहाड़ और मकान धराशाई हो रहे है लेकिन पंचवक्त्र मंदिर पर कोई असर नहीं पड़ा।
300 साल से ज्यादा पुराना मंडी का प्रसिद्ध ऐतिहासिक पंचवक्त्र मंदिर तत्कालीन राजा सिद्ध सेन (1684-1727) ने बनवाया था। यह प्राचीन मंदिर एक समृद्धशाली इतिहास का साक्षी रहा है मंदिर में पंचमुखी शिव की प्रतिमा स्थापित होने के कारण इसे पंचवक्त्र मंदिर के नाम से जाना जाता है ऐसा माना जाता है कि यह पांच मुख शिव के अलग-अलग रूप ईशान, अघोरा, वामदेव, तत्पुरुष और रुद्र को दिखाते हैं। मंदिर का मुख्य द्वार ब्यास नदी की ओर है। इसके साथ ही दोनों तरफ द्वारपाल हैं। मंदिर में नंदी की भी एक भव्य मूर्ति है, जिसका मुख गर्भगृह की दिशा में है।
