वर्तमान समय में दिल्ली में यमुना नदी उफान पर है भारी बारिश और हथिनी कुंड वैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है यमुना नदी के किनारे बसे इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं बुधवार रात को 9 बजे यमुना नदी का जलस्तर 207.99 मीटर पर पहुंच गया है जो खतरे के निशान से लगभग 2.5 मीटर ऊपर हैं दिल्ली में यमुना के खतरे का निशान 205.33 मीटर है।
दिल्ली में यमुना नदी उफान पर होने के कारण मोनेस्ट्री और आईएसबीटी (कश्मीरी गेट) के बीच रिंग रोड पर बाढ़ का पानी आ गया है। इसी कारण से रोड पर यातायात प्रभावित है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को इस रास्ते पर यात्रा करने से बचने की सलाह दी है। साथ ही साथ दिल्ली पुलिस ने अपील भी है कि बहुत जरूरी हो तब ही इन रास्तों का उपयोग करें। यमुना नदी का पानी आसपास के इलाकों के घरों में घुसने के कारण लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
दिल्ली में टूटा 45 साल का रिकॉर्ड!
दिल्ली में जब सन् 1978 में आई थी तो उस समय यमुना नदी का अधिकतम जलस्तर 207.49 मीटर रहा था। जिसको यमुना नदी ने कल सुबह ही पीछे छोड़ दिया और वर्तमान समय में 207.99 मीटर पर बह रही हैं। जो कि अगले कुछ घंटों में और भी बढ़ सकती हैं।
दिल्ली में ट्रैक पर जलभराव होने से रेलवे को भारी नुकसान, चार सौ से ज्यादा ट्रेनें निरस्त
दिल्ली-एनसीआर में मूसलधार वर्षा व यमुना में जलस्तर बढ़ने से ट्रेनों की आवाजाही पर भी प्रभाव पड़ा है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब व हरियाणा में कई स्थानों पर जलभराव से पटरी को नुकसान पहुंचा है। इन कारणों से अभी तक 201 मेल/एक्सप्रेस और 199 पैसेंजर ट्रेनें निरस्त हो चुकी हैं। 92 ट्रेनों की यात्रा गंतव्य स्थान से पहले समाप्त की गई और 68 ट्रेनें निर्धारित समय से पहले ही स्टेशन से रवाना हुईं।
