Balrampur News: बौद्ध सर्किट व नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के विकास की जगी उम्मीद

केंद्रीय बजट में बौद्ध सर्किट व नेपाल सीमा के विकास पर विशेष जोर दिए जाने से जिले की तरक्की के नए द्वार खुलने की उम्मीद जगी है। इस घोषणा के बाद जिले में पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की संभावना बढ़ी है। राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर विकसित धम्म स्थली सहित बुद्ध से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों और गांवों को अब बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, सूचना केंद्र और सुरक्षा सुविधाओं से जोड़ने की संभावना बढ़ गई है।






जिले को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थ के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। बौद्ध परिपथ के अंतर्गत बलरामपुर के कई गांव ऐसे हैं जिनका संबंध भगवान बुद्ध के भ्रमण और भिक्षाटन मार्ग से जुड़ा माना जाता है। इनमें प्रमुख रूप से लाल नगर ग्राम सभा, घुघुलपुर, कटरा, राजगढ़ गुलहरिया, गैंसड़ी, आगया बुजुर्ग, महदेया सिरसिया, गनवरिया, कोयला बस, बलुवा और बलुई गांव शामिल हैं।


इन गांवों में मार्ग संकेतक, विश्राम स्थल, स्वच्छता और प्रकाश व्यवस्था के विकास से स्थानीय लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। इसी तरह नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र गैसड़ी, तुलसीपुर, पचपेड़वा, हरैया सतघराव, जरवा के 56 गांवों की भी सूरत बदलने की आस जगी है। सभी की निगाहें अब बजट की घोषणाओं के आधार पर योजना के संचालन पर हैं।


बदलेगी जिले की सूरत, दूर होगा पिछड़ापन


लॉर्ड बुद्ध वेलफेयर फाउंडेशन भारत के सचिव दिवाकर पटेल ने कहा कि केंद्रीय बजट में बौद्ध सर्किट पर विशेष ध्यान दिया जाना क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत है। उनका कहना है कि यदि घोषित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ तो धम्म स्थली सहित आसपास के गांव अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों के प्रमुख केंद्र बन सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी।


लोगों में भी उत्साह


विकास को लेकर बलरामपुर जिले के लोगों में भी खासा उत्साह है। किसान पहलवान वर्मा ने कहा कि बौद्ध सर्किट के विस्तार से बलरामपुर के आसपास सड़क, परिवहन और पर्यटन सुविधाओं का विकास होगा, जिससे किसानों और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा। प्रीतम सिंधी ने कहा कि बौद्ध सर्किट से जुड़ने के बाद बलरामपुर देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। पवन गोयल ने कहा कि इससे छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को भी सीधा लाभ मिलेगा। महेंद्र केसरवानी व गंगा शर्मा ने कहा कि पर्यटन बढ़ने से जिले की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

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