बलरामपुर शहर के झारखंडी रेलवे क्राॅसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण की बाधा अब जल्द ही दूर होगी। शहर के पक्के मकानों को बिना तोड़े ओवरब्रिज के निर्माण की तैयारी बलरामपुर जिला प्रशासन ने की है। इससे 200 से अधिक कारोबारियों की परेशानी दूर होगी। ओवरब्रिज निर्माण के लिए प्रशासन ने एनएचएआई से शहर के भाग की रोड वापस मांगी है। सेतु निगम से निर्माण कराने की तैयारी है। प्रशासन ने कहा है कि रिंगरोड के एक भाग का निर्माण करीब-करीब पूरा हो चुका है, जो उतरौला और तुलसीपुर मार्ग को जोड़ रहा है। ऐसे में शहर के भीतरी भाग की रोड को एनएचएआई से मुक्त किया जाए।
बलरामपुर जिले के झारखंडी रेलवे क्रॉसिंग पर 2018 से ही ओवरब्रिज निर्माण की कवायद हो रही है। वर्ष 2023 में करीब 200 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज निर्माण की स्वीकृति हुई लेकिन एनएचएआई की रोड होने से निर्माण की कवायद फाइलों में उलझी रही। बीते दिनों बलरामपुर जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने पूरी परियोजना की पड़ताल की। पता चला कि एनएचएआई की रोड होने से निर्माण का मानक पूरा नहीं हो सकता है। एनएचएआई फोरलेन ही ओवरब्रिज बनाएगा, जिसके लिए शहर के पक्के मकान व दुकानें तोड़नी होंगी। इससे शहर में बड़ी संख्या में लोग व व्यापारी प्रभावित होंगे। जिलाधिकारी ने इसके लिए बीच का रास्ता निकाला है।
उन्होंने बाईपास रोड का निर्माण होने से एनएचएआई को प्रस्ताव भेजा है कि बाईपास को एनएच रोड में शामिल करें और शहर का मार्ग लोक निर्माण विभाग को सौंप दिया जाए। जिलाधिकारी के अनुसार इस पर सहमति भी बन गई है। एनएचएआई के अध्यक्ष से वार्ता भी हुई है जल्द ही मार्ग लोक निर्माण विभाग के खाते में आ जाएगा। इसके बाद सेतु निगम से ओवरब्रिज निर्माण की रास्ता साफ हो जाएगा। सेतु निगम ने सर्वे भी करके रिपोर्ट पूरा कर ली है। इस तरह ओवरब्रिज निर्माण के लिए पहली बार सही दिशा में कदम बढ़े हैं इससे लोगों में खुशी है।
प्रस्ताव को जल्द ही स्वीकृति की उम्मीद
ओवरब्रिज निर्माण के लिए एनएचएआई के चेयरमैन को प्रस्ताव भेजा है। शहर की सड़क लोक निर्माण विभाग को मिलने से ओवरब्रिज निर्माण शुरू हो जाएगा। प्रस्ताव पर जल्द ही स्वीकृति मिलना तय है। इसके बाद सेतु निगम से ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाएगा - विपिन कुमार जैन, जिलाधिकारी बलरामपुर
