बलरामपुर में सोहेलवा में वन विभाग की भूमि पर अवैध तरीके से बनी मजार को जमीदोंज कर दिया गया है. बलरामपुर जिलें के उदईपुर गांव के कोलहुआ स्थित जंगल में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई.
बलरामपुर में सोहेलवा के संरक्षित वन क्षेत्र में रविवार को पुलिस और वन विभाग की टीम अतिक्रमित स्थल पर बुलडोजर के साथ पहुंची. संयुक्त कार्रवाई में दो घंटे में पूरी मजार ध्वस्त कर इलाके को समतल कर दिया गया. मौके से जमा मलबे को भी हटा दिया गया है. पुलिस ने पूरी कार्रवाई गोपनीय तरीके से की.
कार्रवाई के दौरान मजार के आसपास आने-जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई. इस कार्रवाई के बाद वन विभाग ने जमीन पर अपना कब्जा ले लिया है. अतिक्रमण करने वालों को कड़ी चेतावनी भी दी गई है.
बलरामपुर के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय ने इस अतिक्रमण अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि बलरामपुर जिलें में जिन-जिन जगहों पर अवैध मजारें बनी हुई हैं, उन सभी की जांच की जा रही है. इन सबके खिलाफ अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी. कहीं पर भी कोई भी अवैध निर्माण को रहने नहीं दिया जाएगा. उन्होंने साफ कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर कोई अपनी आस्था को व्यक्त नहीं कर सकता. यह गैरकानूनी है.
सीओ सदर ज्योतिश्री ने इस मामले में कहा कि संरक्षित वन क्षेत्र में बनी यह मजार 50 साल से अधिक पुरानी थी. जंगल की जमीन पर कब्जा कर वर्षों पहले इसका निर्माण कराया गया था. मामला सामने आने के बाद पूरी जांच की गई. वन विभाग ने मजार को अनधिकृत घोषित किया था.
सीओ ने कहा कि बुलडोजर से पूरी मजार को ध्वस्त करा दिया गया है. उन्होंने कहा कि इस एक्शन पर किसी प्रकार की आपत्ति या विवाद करने वाले लोगों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा.
