बलरामपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में चंदन की लकड़ी की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और वन विभाग की संयुक्त टीम ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान तस्करी में प्रयुक्त एक कार, एक मोटरसाइकिल और चंदन की आठ बोटा लकड़ी बरामद की गई है।
जानकारी के अनुसार, एसएसबी को गुप्त सूचना मिली थी कि चौधरीडीह गांव के रास्ते बिना वैध परमिट के चंदन की लकड़ी की खेप ले जाई जाने वाली है। सूचना के आधार पर एसएसबी की क्यूआरटी टीम और वन विभाग ने संयुक्त रूप से क्षेत्र में निगरानी और नाकाबंदी शुरू कर दी।
सोमवार देर रात सिरसिया की ओर से एक लाल रंग की कार आती दिखाई दी, जिसके आगे मोटरसाइकिल सवार दो व्यक्ति रास्ता दिखा रहे थे। टीम ने जब वाहनों को रोकने का प्रयास किया तो आरोपित भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया।
तलाशी के दौरान कार से चंदन की आठ बोटा लकड़ी बरामद हुई। पूछताछ में आरोपित लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज या परमिट नहीं दिखा सके, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर वनकटवा रेंज कार्यालय लाया गया।
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वन क्षेत्राधिकारी शत्रोहन लाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान कानपुर जिले के सुशील पांडेय और सत्येंद्र सिंह तथा कन्नौज जिले के महेश के रूप में हुई है। तीनों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग अब यह जांच कर रहा है कि बरामद चंदन की लकड़ी जंगली चंदन की है या किसी ग्रामीण क्षेत्र से काटी गई है। साथ ही इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और स्थानीय संपर्कों की भी तलाश की जा रही है। लकड़ी के मूल्यांकन और स्रोत की जांच जारी है।
