तुलसीपुर स्थित शक्तिपीठ मां पाटेश्वरी देवी मंदिर को राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य तेज हो गया है। देवीपाटन कॉरिडोर परियोजना के तहत सौंदर्यीकरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।
कॉरिडोर के लिए म्युरल वॉल और आर्नामेंटल लाइटिंग का टेंडर पूरा हो चुका है। फोरलेन सड़क निर्माण समाप्त होते ही इन कार्यों को शुरू कर दिया जाएगा। परियोजना के तहत म्युरल वॉल पर देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आकर्षक कलाकृतियों के माध्यम से दर्शाया जाएगा, जबकि आधुनिक लाइटिंग व्यवस्था पूरे क्षेत्र की भव्यता को और बढ़ाएगी।
करीब 16 हेक्टेयर भूमि पर विकसित हो रही इस परियोजना में धर्मशाला, विशाल पार्किंग, यात्री सुविधाएं और सिरिया नदी के किनारे सुंदर रिवर फ्रंट का निर्माण भी शामिल है। साथ ही क्षेत्र में मौजूद पेड़ों को सुरक्षित रखते हुए प्राकृतिक वातावरण को संरक्षित करने की योजना बनाई गई है।
कॉरिडोर के दोनों छोर पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे, जो देवीपाटन धाम की नई पहचान बनेंगे। वर्तमान में फोरलेन निर्माण कार्य तेजी से जारी है और परियोजना से जुड़ी गतिविधियां भी दिखाई देने लगी हैं।
प्रशासन का दावा है कि अगले एक वर्ष के भीतर देवीपाटन धाम आधुनिक सुविधाओं, आकर्षक सौंदर्यीकरण और बेहतर पर्यटन व्यवस्थाओं के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख धार्मिक स्थल के रूप में विकसित हो जाएगा।
