बलरामपुर जिलें में कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी संस्थानों को 15 दिनों के भीतर आंतरिक परिवाद समिति (Internal Complaints Committee-ICC) गठित करने के निर्देश जारी किए हैं। तय समय में समिति का गठन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ आर्थिक दंड के साथ-साथ लाइसेंस या पंजीकरण निरस्त करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया कि कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (POSH Act) के तहत 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक संस्थान में ICC का गठन अनिवार्य है। यह नियम सरकारी कार्यालयों, निजी कंपनियों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, बैंकों, होटलों, रेस्टोरेंट और अन्य सभी पात्र संस्थानों पर समान रूप से लागू होता है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों में अभी तक समिति का गठन नहीं हुआ है, वे 15 दिनों के भीतर ICC का गठन कर उसकी सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय, कक्ष संख्या-105, विकास भवन, बलरामपुर में उपलब्ध कराएं। साथ ही प्रत्येक संस्था को महिलाओं की शिकायतों के गोपनीय, निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी।
पहली गलती पर जुर्माना, दोबारा उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई
जिला प्रशासन के अनुसार पहली बार नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित संस्था पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि दोबारा भी नियमों की अनदेखी की जाती है तो जुर्माना बढ़ाकर 1 लाख रुपये तक किया जा सकता है। लगातार अनुपालन न होने की स्थिति में संबंधित संस्था का पंजीकरण या लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने कहा कि ICC का गठन केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और विश्वास बनाए रखने की महत्वपूर्ण व्यवस्था है। उन्होंने सभी संस्थानों से समयसीमा के भीतर समिति का गठन कर शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की।