बलरामपुर जिलें में लगातार हो रही अत्यधिक बारिश और तेज हवाओं के बीच जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह ने शनिवार को बलरामपुर, तुलसीपुर और उतरौला तहसील के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। अधिकारियों ने बारिश से हुई क्षति, जलभराव, पेड़ गिरने और विद्युत आपूर्ति की स्थिति का जायजा लेते हुए राहत-बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए।
बलरामपुर नगर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति बाधित मिली। डीएम ने विद्युत विभाग को पर्याप्त टीमें लगाकर आपूर्ति जल्द बहाल करने के निर्देश दिए। साथ ही सड़कों पर गिरे पेड़ों और अन्य अवरोधों को तत्काल हटाकर आवागमन सुचारू रखने को कहा।
तुलसीपुर और उतरौला क्षेत्र में भी भारी बारिश से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों को क्षति का आकलन कर प्रभावित लोगों को नियमानुसार आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने और प्रमुख मार्गों के साथ ग्रामीण संपर्क मार्गों पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
राप्ती नदी के जलस्तर पर नजर
उतरौला क्षेत्र के पिपरा घाट पहुंचकर डीएम ने राप्ती नदी के जलस्तर का भी जायजा लिया। शनिवार सुबह 10 बजे नदी का जलस्तर 103.00 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 104.620 मीटर से 1.620 मीटर नीचे है। वहीं चेतावनी स्तर 103.620 मीटर है, यानी वर्तमान जलस्तर चेतावनी स्तर से 0.620 मीटर नीचे है।
डीएम ने नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी करने और तटवर्ती व संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
विद्युत और आवागमन बहाल करने पर जोर
तेज हवाओं और पेड़ गिरने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। विद्युत विभाग की टीमें बाधित आपूर्ति बहाल करने में जुटी हैं। डीएम ने मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए युद्धस्तर पर काम करने के निर्देश दिए।
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प्रशासन की ओर से बताया गया कि अपर जिलाधिकारी, सभी उपजिलाधिकारी और पुलिस अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति पर नजर रख रहे हैं। राजस्व, पुलिस, विद्युत समेत संबंधित विभागों की टीमें आपसी समन्वय से राहत और बचाव कार्य कर रही हैं।
जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि खराब मौसम में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। जलभराव वाले स्थानों, नदी-नालों, टूटे विद्युत तारों और पोलों से दूरी बनाए रखें तथा तेज हवाओं के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।


