बेल्जियम से समुद्र के रास्ते ओडिशा के पारादीप पोर्ट पहुंचा 308 पहियों वाला विशाल औद्योगिक वेसल अब उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर चुका है। इसे बलरामपुर चीनी मिल की लखीमपुर स्थित कुंभी यूनिट के लिए ले जाया जा रहा है। यह चंदौली और वाराणसी होते हुए बलरामपुर से लखीमपुर पहुंचेगा।
विशाल वेसल को हाइड्रोलिक ट्रक पर रखकर ले जाया जा रहा है, जिसकी रफ्तार करीब 5 किलोमीटर प्रति घंटा है। भारी वाहन के सुरक्षित आवागमन के लिए संबंधित जिलों के प्रशासन को पहले से सूचना दी गई है। जरूरत पड़ने पर रास्ते में बिजली के खंभे, तार और प्रवेश द्वार हटाए जा रहे हैं, जबकि कुछ स्थानों पर सड़क व्यवस्था भी बदली जा रही है।
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चीनी मिल के अनुसार, ट्रक के साथ विशेषज्ञों की टीम भी चल रही है। इसके बलरामपुर पहुंचने में करीब एक सप्ताह लग सकता है।
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— UP47wale (@UP47wale) September 26, 2026
गन्ने से बनेगा बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक
बलरामपुर चीनी मिल की कुंभी यूनिट में गन्ने से पर्यावरण-अनुकूल बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक (PLA) और को-पॉलिमर बनाने के लिए प्लांट लगाया जा रहा है। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्लांट में प्रतिवर्ष 100 टन उत्पादन का लक्ष्य है।
इसके अलावा इसी परिसर में 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से एक अन्य बड़ा प्लांट भी तैयार किया जा रहा है, जिसकी उत्पादन क्षमता करीब 80 हजार टन प्रतिवर्ष होगी।
इस प्रक्रिया में गन्ने और उसके अवशेषों से सूक्ष्मजीवों की मदद से लैक्टिक एसिड तैयार किया जाएगा, जिसे आगे रासायनिक प्रक्रिया से पॉलीलैक्टिक एसिड में बदलकर बायोप्लास्टिक बनाया जाएगा। यह पारंपरिक प्लास्टिक की तुलना में जैव-अवक्रमणीय होगा और सिंगल यूज प्लास्टिक के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
