बलरामपुर में तीन दिवसीय प्रशिक्षण के लिए पहुंचे 47 पीसीएस प्रशिक्षुओं ने सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग में जाना वन संरक्षण और इको-टूरिज्म

बलरामपुर में सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग में तीन दिवसीय प्रशिक्षण के लिए पहुंचे 47 पीसीएस प्रशिक्षु अधिकारियों ने जंगल का भ्रमण कर वन संरक्षण, नर्सरी प्रबंधन और इको-टूरिज्म की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने वन कर्मियों से पौध उत्पादन, वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के उपायों के बारे में जानकारी प्राप्त की।






प्रशिक्षु अधिकारियों ने तुलसीपुर यूनिट के रेंजर प्रवीण तिवारी और वन दरोगा मनमोहन पांडेय के साथ देवीपाटन मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद जनकपुर स्थित वन विभाग की नर्सरी में पौधों की विभिन्न प्रजातियों, नर्सरी बेड तैयार करने, मृदा परीक्षण, मिट्टी-खाद मिश्रण और पॉलीबैग भरने की प्रक्रिया समझी।



इसके बाद टीम ने रामपुर वन क्षेत्र के दारा नाला नेचर ब्यूटी स्थल का भ्रमण किया। यहां अधिकारियों को पेड़-पौधों की प्रजातियों, उनके औषधीय गुणों, थारू हट, सेल्फी प्वाइंट और इको-टूरिज्म सुविधाओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षुओं ने करीब पांच किलोमीटर लंबे वॉकिंग ट्रेल पर पैदल भ्रमण कर जंगल की प्राकृतिक संपदा को करीब से देखा।


वन विश्राम गृह जरवा में अधिकारियों को वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, भोजन, मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने और संरक्षण के उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई।


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उपप्रभागीय वनाधिकारी संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि 47 पीसीएस प्रशिक्षु अधिकारियों का दल तीन दिवसीय अध्ययन दौरे पर है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन, नर्सरी संचालन और वन विभाग की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव कराया जा रहा है।

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