51 शक्तिपीठों में से एक देवीपाटन शक्तिपीठ को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने के उद्देश्य से प्रस्तावित देवीपाटन कॉरिडोर योजना अब अंतिम चरण में है। शुक्रवार को अपर जिलाधिकारी तथा पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बलरामपुर चौराहे से देवीपाटन मंदिर तक स्थलीय निरीक्षण कर विशेष सुंदरीकरण कार्यों की समीक्षा की।
उप जिलाधिकारी राकेश कुमार जयंत ने बताया कि जल्द ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बलरामपुर स्टेट की एक भूमि को छोड़कर शेष सभी आवश्यक जमीनों का बैनामा कार्य पूरा हो चुका है। कुछ कागजी औपचारिकताओं के अभाव में स्टेट की भूमि का बैनामा अभी लंबित है, जिसे शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार कॉरिडोर के निर्माण से देवीपाटन धाम की सुंदरता बढ़ेगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। यह परियोजना धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी।
अयोध्या की तर्ज पर होगा निर्माण
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अयोध्या के तर्ज पर देवीपाटन में भी मांगलिक गेट का निर्माण कराया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। इसके साथ ही कलश चौराहे पर चारों ओर 200 मीटर तक विशेष सुंदरीकरण कार्य होगा। अयोध्या में सड़क के दोनों किनारों पर बनी दीवारों की तर्ज पर यहां भी संरचनात्मक निर्माण किए जाएंगे, जिससे पूरे मार्ग को धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान मिलेगी।
