यूपी में CHO का आंदोलन जारी, 24वें दिन भी लखनऊ के इको गार्डन में धरना; नियमितीकरण और 4800 ग्रेड पे की मांग

उत्तर प्रदेश में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) का अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन लगातार जारी है। प्रदेशभर के CHO राजधानी लखनऊ के इको गार्डन में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। 






कर्मचारी अपने नियमितीकरण, अलग संवर्ग के गठन और वेतन संबंधी मांगों को लेकर शासन से ठोस निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं। 21 अक्टूबर 2026 तक आंदोलन का 24वां दिन है आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारी अपनी मांगों के समर्थन में विभिन्न तरीके से विरोध जता रहे हैं। 


CHO की तीन प्रमुख मांगें


1. अलग संवर्ग का गठन और नियमितीकरण

CHO के लिए अलग संवर्ग (कैडर) बनाया जाए और नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू करने के संबंध में लिखित आदेश जारी किया जाए। कर्मचारियों की मांग है कि उनकी सेवा संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।


2. 4800 ग्रेड पे के समकक्ष वेतनमान


CHO हरियाणा की तर्ज पर 4800 ग्रेड पे के समकक्ष वेतनमान और अन्य सेवा लाभ दिए जाने की मांग कर रहे हैं। संगठन की ओर से प्रतिमाह 60 हजार रुपये मानदेय अथवा 4800 ग्रेड पे के समकक्ष वेतनमान की मांग भी उठाई गई है।


3. PBI को वेतन में शामिल करना


प्रदर्शनकारियों की तीसरी प्रमुख मांग प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन राशि यानी परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेंटिव (PBI) को मासिक मानदेय में शामिल करने की है। संगठन चाहता है कि आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (AB-HWC) के संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस संबंध में निर्णय लेकर लिखित आदेश जारी किया जाए।



सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की मांगों को लेकर शासन स्तर पर बातचीत भी हुई, लेकिन प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। टाइम्स ऑफ इंडिया की 16 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव के साथ हुई बातचीत के बाद भी गतिरोध दूर नहीं हुआ था। संगठन ने मांगों के समाधान के लिए लिखित आदेश जारी करने की अपील की थी।


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CHO का यह आंदोलन नियमितीकरण, वेतनमान और सेवा संबंधी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। अब कर्मचारियों की निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं।

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