बलरामपुर के चरनगहिया-बेलहा गांव में दुर्गा मंदिर के सामने हुए दर्दनाक सड़क हादसे का असर नवमी के धार्मिक आयोजनों पर भी देखने को मिला। तीन ग्रामीणों की मौत और चार लोगों के घायल होने के बाद गांव में शोक का माहौल है। हर साल श्रद्धालुओं से गुलजार रहने वाले मंदिर में इस बार सन्नाटा पसरा रहा और हवन-पूजन के लिए भी लोग नहीं जुटे।
गौरतलब है कि हादसे से पहले मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसके बाद ग्रामीण एक साथ बैठकर फिल्म देख रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार लोगों को कुचलते हुए निकल गई। हादसे में पाटेश्वरी प्रसाद (37), मनोज सिंह (51) और गणेश पांडेय (37) की मौत हो गई, जबकि चार ग्रामीण घायल हो गए।
हादसे के बाद गांव में त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं। नवमी के दिन मंदिर की साफ-सफाई के लिए केवल दो-तीन ग्रामीण पहुंचे। उन्होंने परिसर की सफाई की और देर शाम थोड़ी देर के लिए पूजा-अर्चना की। पिछले साल जहां मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ और चहल-पहल थी, वहीं इस बार माहौल पूरी तरह बदला नजर आया।
घटना के तीन दिन बाद भी ग्रामीणों के चेहरों पर अपनों को खोने का दुख साफ दिखाई दे रहा है। हादसे की चर्चा होते ही लोगों की आंखें नम हो जा रही हैं
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हादसे में गंभीर रूप से घायल डब्लू गुप्ता का लखनऊ में इलाज चल रहा है। उनकी हालत में फिलहाल सुधार नहीं हुआ है। वहीं, मुकेश तिवारी जिला मेमोरियल अस्पताल में भर्ती हैं। परिजन घायलों के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे हैं।
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एसडीएम मनोज कुमार सरोज ने बताया कि घायलों का इलाज कराया जा रहा है। साथ ही, पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। हादसे के बाद गांव में पसरा सन्नाटा और नवमी पर मंदिर में श्रद्धालुओं की कम मौजूदगी इस दर्दनाक घटना के गहरे असर को बयां कर रही है।
